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AePS: Aadhar enabled Payment Services

AePS CSP Retailers is now able to accept payments from several Card. These devices are simple to operate and empower Retailers to move cashless transactions. Micro/Mini ATM network that delivers convenient banking services to citizens. As India’s first interoperable operating system, this is a banking innovation that can serve any bank customer through our portable device with a debit card interface. The Micro ATM Machine is operated by Fingpay Retailer that will include a card reader for everyone cash withdrawal and balance enquiry transactions from all bank debit cards.

mpos machine

Great things about DMT

AePS CSP Micro ATM is a lightweight device Easy to carry.

Accept payment from any bank Debit Card & ATM Card.

Easy to use, Safe & Highly Secured Method.

Instant payment Confirmation with SMS alerts.

Mini ATM uses -Restaurant, Medical shops, Garments, Jewellery shop etc

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AePS CSP Retailers is now able to accept payments from several Card. The device is simple to use and empower Retailers to go cashless transaction. Micro/Mini ATM network that delivers convenient banking services to citizens. As India’s first interoperable operating system, this is a banking innovation that can serve any bank customer through our lightweight device with a debit card interface. The Micro ATM Machine is operated by Fingpay Retailer that will carry a card reader for all those cash withdrawals and balance enquiry transactions from all bank debit cards.

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POS machine proposed to be installed on the option of cover distribution of nutritional material – Minister of Condition for girls and Child Development

Minister of Status for ladies and Child Development, Mrs Mamta Bhupesh assured in the Vidhan Sabha on Wednesday that POS machines are proposed to be installed in all the project areas of the state based on the option of budget in the approaching time for distribution of dietary items.

Mrs Bhupesh was replying to supplementary questions asked by the MLAs through the Question Hour. He said that the Chief Minister is also concerned about the system of distribution of nutrition to children of zero to six years, mothers, adolescent girls and women that are pregnant in their state and keeping this at heart, under a pilot project, for distribution of nutrition in 400 job areas. The announcement has been manufactured in the budget to set up a pos machine. He said that with this, irregularities in the distribution of nutrition would be stopped and dietary material would be distributed on time. He also informed that the sanitary napkins received from the Medical Department are distributed to the ladies from village to village by the Anganwadi workers, Asha Sahyogini and assistants of the department.

 

Before, in response to the initial question of MLA Shri Amrit Lal Meena, Smt. Bhupesh said that children between six months to 6 years, pregnant and lactating mothers and 11 to 14 years of age do not go to school through Anganwadi centres under Integrated Child Development Services Scheme. The lady child is given wholesome supplements produced by the ladies self-help groupings at the neighbourhood level. He located the facts of supplementary nutrition being distributed at Anganwadi centres around the table of the home. He informed that there are 467 Anganwadi centres in the assembly constituency Salumbar. He laid the facts of Panchayat Samiti sensible volume of Anganwadi centres under the Assembly constituency Salumbar up for grabs of the home.

Smt. Bhupesh educated that take-home ratio has been provided to pregnant and lactating women and children in this list of 6 months to three years by 104 women self-help organizations at Anganwadi centres under the assembly constituency Salumbar. Along with this, hot supplementary nutrition has been provided to children in this list of 3 years to 6 years by 467 Women Personal Help Categories. He laid their details on the table of the House.

The Minister of Point out for girls and Child Development informed that supplementary nutrition at Anganwadi centres is prepared and written by women self-help groups at the neighbourhood level. A couple of 23 industries in the said assembly constituency. He laid the facts of the positioning of placing of women supervisors sector smart on the table of the home. He said that physical verification of the status and attendance of children enrolled at Anganwadi centres is done by women supervisors through the inspection of Anganwadi centres. He laid their information on the table of the home.

Smt. Bhupesh also laid up for grabs of the House the facts of eligible women and children who are benefiting from supplementary nutrition every month at Anganwadi centres in the Assembly constituency of Salumbar. He said that activities predicated on five dimensions of physical development, language development, creative development, intellectual development, interpersonal and emotional development are conducted at Anganwadi centres for at all times development of children of 3 to 6 years and prepare children for admission in classes. So the children can be prepared to enter the institution.

Smt. Bhupesh prepared that no proposal of the government to build up Anganwadi centres as pre-primary colleges is in mind.

 

एईपीएस सीएसपी रिटेलर्स अब कई कार्ड से भुगतान स्वीकार करने में सक्षम हैं । ये उपकरण खुदरा विक्रेताओं को कैशलेस लेनदेन को स्थानांतरित करने के लिए संचालित करने और सशक्त बनाने के लिए सरल हैं । माइक्रो / मिनी एटीएम नेटवर्क जो नागरिकों को सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं प्रदान करता है । भारत के पहले इंटरऑपरेबल ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में, यह एक बैंकिंग नवाचार है जो डेबिट कार्ड इंटरफेस के साथ हमारे पोर्टेबल डिवाइस के माध्यम से किसी भी बैंक ग्राहक की सेवा कर सकता है । माइक्रो एटीएम मशीन फिंगपेय रिटेलर द्वारा संचालित है जिसमें सभी बैंक डेबिट कार्ड से नकद निकासी और शेष पूछताछ लेनदेन के लिए एक कार्ड रीडर शामिल होगा । 

डीएमटी के बारे में महान बातें

एईपीएस सीएसपी माइक्रो एटीएम एक हल्का उपकरण है जो ले जाने में आसान है । 

किसी भी बैंक डेबिट कार्ड और एटीएम कार्ड से भुगतान स्वीकार करें । 

उपयोग करने में आसान, सुरक्षित और अत्यधिक सुरक्षित विधि । 

एसएमएस अलर्ट के साथ त्वरित भुगतान की पुष्टि । 

मिनी एटीएम उपयोग-रेस्टोरेंट, मेडिकल शॉप, गारमेंट्स, ज्वेलरी शॉप आदि

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पोषाहार सामग्री वितरण के विकल्प पर पोस मशीन लगाने का प्रस्ताव-बालिका एवं बाल विकास राज्यमंत्री

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती ममता भूपेश ने बुधवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि राज्य के सभी परियोजना क्षेत्रों में आहार मदों के वितरण के लिए आनेवाले समय में बजट के विकल्प के आधार पर पीओएस मशीन स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है । 

श्रीमती भूपेश प्रश्नकाल के माध्यम से विधायकों द्वारा पूछे गए अनुपूरक सवालों का जवाब दे रही थीं । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने राज्य में गर्भवती होने वाली शून्य से छह वर्ष के बच्चों, माताओं, किशोरियों और महिलाओं को पोषाहार वितरण की व्यवस्था को लेकर भी चिंतित हैं और इसे पायलट प्रोजेक्ट के तहत 400 कार्य क्षेत्रों में पोषाहार वितरण के लिए रखा गया है । बजट में पीओएस मशीन लगाने की घोषणा की गई है । उन्होंने कहा कि इसके साथ ही पोषण आहार के वितरण में अनियमितता को रोका जाएगा और समय पर आहार सामग्री का वितरण किया जाएगा । उन्होंने यह भी बताया कि चिकित्सा विभाग से प्राप्त सेनेटरी नैपकिन को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनी और विभाग की सहायकों द्वारा गांव-गांव की महिलाओं को वितरित किया जाता है । 

 

इससे पहले, विधायक श्री अमृत लाल मीणा के प्रारंभिक प्रश्न के जवाब में, श्रीमती। भूपेश ने कहा कि एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के तहत छह माह से 6 वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं और 11 से 14 वर्ष की आयु के बच्चे आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से स्कूल नहीं जाते हैं । महिला बच्चे को पड़ोस के स्तर पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित पौष्टिक पूरक दिया जाता है । उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों पर वितरित किए जा रहे पूरक पोषण आहार की जानकारी घर के टेबल के आसपास रखी । उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र सलूंबर में 467 आंगनवाड़ी केंद्र हैं । उन्होंने विधानसभा क्षेत्र सलूंबर के अंतर्गत आने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों का पंचायत समिति स्तर पर जायजा लिया । 

इस अवसर पर डॉ. भूपेश ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र सलूंबर के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों पर 6 माह से तीन वर्ष तक की 104 महिला स्वयं सहायता संगठनों द्वारा गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं एवं बच्चों को ले-हाउस अनुपात प्रदान किया गया है । इसके साथ ही 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के 467 महिला व्यक्तिगत सहायता श्रेणियों के बच्चों को गर्म पूरक पोषण प्रदान किया गया है । उन्होंने अपना विवरण सदन के पटल पर रखा । 

बालिका एवं बाल विकास मंत्री ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर पूरक पोषण आहार तैयार कर पड़ोस स्तर पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किया जाता है । उक्त विधानसभा क्षेत्र में 23 उद्योग हैं। उन्होंने महिला सुपरवाइजरों को घर के टेबल पर स्मार्ट रखने की स्थिति के तथ्यों को रखा। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के माध्यम से महिला पर्यवेक्षकों द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों की स्थिति एवं उपस्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाता है । उन्होंने घर की मेज पर अपनी जानकारी रखी।

इस अवसर पर डॉ. Bhupesh भी रखी grabs के लिए घर के तथ्यों के पात्र महिलाओं और बच्चों को जो कर रहे हैं से लाभांवित हो अनुपूरक पोषण में हर महीने आंगनवाड़ी केंद्रों में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की Salumbar. उन्होंने कहा कि शारीरिक विकास, भाषा विकास, रचनात्मक विकास, बौद्धिक विकास, पारस्परिक और भावनात्मक विकास के पांच आयामों पर आधारित गतिविधियां आंगनवाड़ी केंद्रों पर हर समय 3 से 6 वर्ष के बच्चों के विकास के लिए आयोजित की जाती हैं और कक्षाओं में प्रवेश के लिए बच्चों को तैयार किया जाता है । ताकि बच्चों को संस्था में प्रवेश के लिए तैयार किया जा सके । 

इस अवसर पर डॉ. भूपेश ने तैयार किया कि प्री-प्राइमरी कॉलेज के रूप में आंगनवाड़ी केंद्र बनाने का सरकार का कोई प्रस्ताव मन में नहीं है । 

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Written by nancy

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